स्कूल शिक्षा का भविष्य

स्कूल शिक्षा का भविष्य तकनीकी विकास, सामाजिक परिवर्तनों और वैश्विक बदलावों के कारण बहुत ही रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। कुछ प्रमुख बदलाव जो आने वाले समय में हो सकते हैं, वे इस प्रकार हैं: प्रौद्योगिकी का उपयोग : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, ऑनलाइन शिक्षा, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का स्कूल शिक्षा में एक महत्वपूर्ण स्थान होगा। बच्चों को इंटरेक्टिव, कस्टमाइज्ड और पर्सनलाइज्ड शिक्षा मिल सकेगी। स्मार्ट क्लासरूम, ई-लर्निंग, और आभासी कक्षाएं एक सामान्य तरीका बन सकती हैं। कौशल आधारित शिक्षा : भविष्य में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल, समस्या सुलझाने की क्षमता, और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना होगा। ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे जो जीवन कौशल, संवाद कौशल, और प्रौद्योगिकियों के बारे में गहरे ज्ञान को शामिल करेंगे। समावेशी और व्यक्तिगत शिक्षा : शिक्षा में विविधता और समावेशिता पर जोर दिया जाएगा, ताकि सभी छात्रों को उनकी क्षमता के अनुसार शिक्षा मिल सके। इससे बच्चों के शैक्षिक और मानसिक विकास में मदद मिलेगी, चाहे वे किसी भी सामाजिक या भौगोलिक पृष्...

कविता - फिर विकल है प्राण मेरे कवयित्री - महादेवी वर्मा

कविता - फिर विकल है प्राण मेरे 

कवयित्री - महादेवी वर्मा 

फिर विकल हैं प्राण मेरे! 

तोड़ दो यह क्षितिज मैं भी देख लूँ उस ओर क्या है! 
जा रहे जिस पंथ से युग कल्प उसका छोर क्या है? 
क्यों मुझे प्राचीन बनकर 
आज मेरे श्वास घेरे? 

सिंधु की निःसीमता पर लघु लहर का लास कैसा? 
दीप लघु शिर पर धरे आलोक का आकाश कैसा? 
दे रही मेरी चिरंतनता 
क्षणों के साथ फेरे! 

बिंबग्राहकता कणों को शलभ को चिर साधना दी, 
पुलक से नभ भर धरा को कल्पनामय वेदना दी; 
मत कहो हे विश्व 'झूठे 
हैं अतुल वरदान तेरे!' 

नभ डुबा पाया न अपनी बाढ़ में भी क्षुद्र तारे, 
ढूँढ़ने करुणा मृदुल घन चीर कर तूफान हारे; 
अंत के तम में बुझे क्यों 
आदि के अरमान मेरे! 

धन्यवाद 🙏

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