स्कूल शिक्षा का भविष्य

स्कूल शिक्षा का भविष्य तकनीकी विकास, सामाजिक परिवर्तनों और वैश्विक बदलावों के कारण बहुत ही रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। कुछ प्रमुख बदलाव जो आने वाले समय में हो सकते हैं, वे इस प्रकार हैं: प्रौद्योगिकी का उपयोग : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, ऑनलाइन शिक्षा, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का स्कूल शिक्षा में एक महत्वपूर्ण स्थान होगा। बच्चों को इंटरेक्टिव, कस्टमाइज्ड और पर्सनलाइज्ड शिक्षा मिल सकेगी। स्मार्ट क्लासरूम, ई-लर्निंग, और आभासी कक्षाएं एक सामान्य तरीका बन सकती हैं। कौशल आधारित शिक्षा : भविष्य में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल, समस्या सुलझाने की क्षमता, और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना होगा। ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे जो जीवन कौशल, संवाद कौशल, और प्रौद्योगिकियों के बारे में गहरे ज्ञान को शामिल करेंगे। समावेशी और व्यक्तिगत शिक्षा : शिक्षा में विविधता और समावेशिता पर जोर दिया जाएगा, ताकि सभी छात्रों को उनकी क्षमता के अनुसार शिक्षा मिल सके। इससे बच्चों के शैक्षिक और मानसिक विकास में मदद मिलेगी, चाहे वे किसी भी सामाजिक या भौगोलिक पृष्...

यह दीप अकेला (कविता)

कविता- यह दीप अकेला 

कवि - अज्ञेय

प्रकाशन- नई दिल्ली  'आल्पस कहवा घर'  (18 अक्टूबर, यह 1953) बावरा अहेरी में हुआ

कविता का आरंभ 

यह दीप अकेला स्नेह भरा 
है गर्व भरा मदमाता पर 
इसको भी पंक्ति को दे दो 

यह जन है : गाता गीत जिन्हें फिर और कौन गायेगा 
पनडुब्बा : ये मोती सच्चे फिर कौन कृति लायेगा? 
यह समिधा : ऐसी आग हठीला बिरला सुलगायेगा 
यह अद्वितीय : यह मेरा : यह मैं स्वयं विसर्जित : 

यह दीप अकेला स्नेह भरा 
है गर्व भरा मदमाता पर 
इस को भी पंक्ति दे दो 

यह मधु है : स्वयं काल की मौना का युगसंचय 
यह गोरसः जीवन-कामधेनु का अमृत-पूत पय 
यह अंकुर : फोड़ धरा को रवि को तकता निर्भय 
यह प्रकृत, स्वयम्भू, ब्रह्म, अयुतः 
इस को भी शक्ति को दे दो 

यह दीप अकेला स्नेह भरा 
है गर्व भरा मदमाता पर 
इस को भी पंक्ति दे दो 

यह वह विश्वास, नहीं जो अपनी लघुता में भी काँपा, 
वह पीड़ा, जिसकी गहराई को स्वयं उसी ने नापा, 
कुत्सा, अपमान, अवज्ञा के धुँधुआते कड़वे तम में 
यह सदा-द्रवित, चिर-जागरूक, अनुरक्त-नेत्र, 
उल्लम्ब-बाहु, यह चिर-अखंड अपनापा 
जिज्ञासु, प्रबुद्ध, सदा श्रद्धामय 
इस को भक्ति को दे दो 

यह दीप अकेला स्नेह भरा 
है गर्व भरा मदमाता पर 
इस को भी पंक्ति दे दो 

निष्कर्ष - व्यक्ति और समाज को जोड़कर लिखा है। 

सर्जनशील व्यक्ति का लाभ समाज को होना चाहिए।

सर्जनशील और रचनाकार के गुणों का वर्णन।

समाज को विकसित करने के लिए व्यक्ति का उपयोग करें। 

अलग-अलग प्रतीकों द्वारा व्यक्ति के गुणों की अभिव्यक्ति ।

कवि का व्यक्ति प्रतिभाशाली है। 


धन्यवाद 🙏

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