स्कूल शिक्षा का भविष्य

स्कूल शिक्षा का भविष्य तकनीकी विकास, सामाजिक परिवर्तनों और वैश्विक बदलावों के कारण बहुत ही रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। कुछ प्रमुख बदलाव जो आने वाले समय में हो सकते हैं, वे इस प्रकार हैं: प्रौद्योगिकी का उपयोग : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, ऑनलाइन शिक्षा, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का स्कूल शिक्षा में एक महत्वपूर्ण स्थान होगा। बच्चों को इंटरेक्टिव, कस्टमाइज्ड और पर्सनलाइज्ड शिक्षा मिल सकेगी। स्मार्ट क्लासरूम, ई-लर्निंग, और आभासी कक्षाएं एक सामान्य तरीका बन सकती हैं। कौशल आधारित शिक्षा : भविष्य में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल, समस्या सुलझाने की क्षमता, और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना होगा। ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे जो जीवन कौशल, संवाद कौशल, और प्रौद्योगिकियों के बारे में गहरे ज्ञान को शामिल करेंगे। समावेशी और व्यक्तिगत शिक्षा : शिक्षा में विविधता और समावेशिता पर जोर दिया जाएगा, ताकि सभी छात्रों को उनकी क्षमता के अनुसार शिक्षा मिल सके। इससे बच्चों के शैक्षिक और मानसिक विकास में मदद मिलेगी, चाहे वे किसी भी सामाजिक या भौगोलिक पृष्...

रोटी और संसद(कविता), धूमिल(कवि)

रोटी और संसद(कविता)

धूमिल(कवि)

प्रकाशन - 1972 में सड़क से संसद तक

कविता का आरंभ 

एक आदमी 

रोटी बेलता है 

एक आदमी रोटी खाता है 

एक तीसरा आदमी भी है 

जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है 

वह सिर्फ़ रोटी से खेलता है 

मैं पूछता हूँ— 

‘यह तीसरा आदमी कौन है?’ 

मेरे देश की संसद मौन है।

निष्कर्ष - इस कविता में कवि ने किसान वर्ग की मजबूरी का चित्रण किया है

राजनीति पर करारा व्यंग्य  किया है 

मूलभूत जरूरतों के साथ खिलवाड़ करने वाले नेताओं पर प्रहार किया है

भ्रष्ट नेताओं की और संकेत किया है 

संसद में बैठे हुए सदस्यों को उद्देशित करके कहा है 

रोटी को तीन वर्ग में विभाजित किया है 

रोटी की दशा का चित्रण किया है। 

धन्यवाद 🙏

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